महेश भट्ट यादों की जुगाली के दौर में
परदे के पीछे - जयप्रकाश चौकसे
कुछ दिन पूर्व महेश भट्ट की हंसल मेहता निर्देशित 'सिटी लाइट्स' का प्रदर्शन हुआ। यह फिल्म ब्रिटिश-फिलीपेनो सहयोग से बनी ''मनीला मेट्रो'' से प्रेरित थी और बाकायदा अधिकार खरीद कर बनाई गई है। इसका नायक अपने परिवार सहित रोजी रोटी की तलाश में राजस्थान से मुंबई आता है और उन्हें अनेक कष्ट झेलने पड़ते हैं।
मुंबई में घर का सपना अनेक धूर्त व्यापारी दशकों से बेच रहे हैं और राजकपूर की श्री 420 में भी यह समस्या प्रस्तुत हुई थी। राजकपूर की आवारा, श्री 420 और 'जागते रहो' के नायक गांवों से रोजी रोटी की तलाश में महानगर आते हैं जो अपनी निर्मम चक्की में उनके सपने, शरीर और आत्मा पीस देता है।
Source: Mahesh Bhatt - Ruminating Memories - Parde Ke Peeche By Jaiprakash Chouksey - Dainik Bhaskar 13th June 2014