कंस्ट्रक्शन बिजनेस की स्थायी लागत ही उसका भविष्य तय करेगी
मैनेजमेंट फंडा - एन. रघुरामन
हम सब अपने आसपास लगातार कुछ न कुछ निर्माण होते देखते रहते हैं। इसके बावजूद 2030 तक भारत को जितने इमारतों की जरूरत होगी उनमें 70 फीसदी का निर्माण अभी बाकी ही है। यहां तक कि उनकी अब तक योजना ही नहीं बनी है।
दूसरी तरफ विकसित देश हैं। वहां 2050 तक जितनी इमारतें चाहिए उनमें से 80 फीसदी बनकर तैयार हो चुकी हैं। यानी भारत इस मामले में बहुत पीछे है। यहां भविष्य की जरूरतों के हिसाब से घर, ऑफिस व व्यावसायिक इमारतें नहीं बन रही हैं। जो थोड़ी-बहुत इमारतें बन रही हैं, वे पर्यावरण के लिहाज से अनुकूल नहीं हैं। उल्टे वे पर्यावरण के लिए गंभीर खतरे के तौर पर सामने आ रही हैं।
Source: Future of Construction Business Depends on its Fixed Costs - Management Funda By N Raghuraman - Dainik Bhaskar 19th June 2014