मनोरंजन जगत में 'जिंदगी' की धड़कन
परदे के पीछे - जयप्रकाश चौकसे
विदेशी सीरियल दिखाने हेतु निर्मित जी का नया चैनल 'जिंदगी' के शुभारंभ पर एक एपिसोड 'काश मैं आपकी बेटी न होती' के एक दृश्य में एक गरीब मां अपने बच्चों से प्रार्थना करती है कि आज की रात उन्हें भूख सहनी होगी क्योंकि घर में सिर्फ एक मुठ्ठी चावल है जो दिन भर मेहनत करने के बाद लौटे पिता को देना है और उन सबको यह अभिनय करना है कि वे पहले ही खा चुके हैं।
पिता के लौटने पर बच्चों ने विश्वसनीय अभिनय किया परंतु पिता का पहला निवाला लेते समय सबसे छोटे बच्चे का मुंह खुला निवाले की उम्मीद में जैसे पहले होता रहा है या कहें कि उसकी अंतडिय़ों में कुलबुलाती भूख ने उससे यह कराया और पिता समझ गया कि सब अभिनय कर रहे हैं। उसने कहा, थोड़ा ही सही परंतु सभी उसे खाएंगे।
Source: Zindagi - New Channel By Zee TV - Parde Ke Peeche By Jaiprakash Chouksey - Dainik Bhaskar 25th June 2014