गुलजार, सत्यजीत रॉय और बाल फिल्में
परदे के पीछे - जयप्रकाश चौकसे
गुलजार का लिखा नाटक पंद्रह जून को मुंबई के पृथ्वी थियेटर में मंचित हुआ जिसे देखने का अवसर नहीं मिला। यह नाटक सत्यजीत रॉय की 1969 में प्रदर्शित संगीतमय फिल्म 'गोपी गायेन बाघा बाएन' से प्रेरित है।
ज्ञातव्य है कि सत्यजीत रॉय ने यह फिल्म अपनेे दादा उपेंद्र किशोर राय चौधरी महोदय की कथा से प्रेरित होकर बनाई थी। इस परिवार की तीन पीढिय़ां बच्चों के लिए साहित्य रचती रही हैं।
गुलजार भी बच्चों के वार्षिक मेले में जाते रहे हैं और उन्होंने बच्चों के लिए एक फिल्म 'किताब' भी रची थी। गुलजार के व्यक्तित्व और सिनेमा में बंगाल का प्रभाव हमेशा रहा है। उन्होंने विमलराय के सहायक के रूप में कॅरिअर प्रारंभ किया था और उन्हें 'बंदिनी' में एक गीत लिखने का अवसर भी मिला।
ऋषिकेश मुखर्जी की अनेक फिल्में उन्होंने लिखी हैं और बतौर निर्देशक भी उनकी पहली फिल्म 'मेरे अपने' बंगाली फिल्म 'अपन जन' से प्रेरित थी। उनकी पत्नी भी बंगाली राखी हैं।
Source: Gulzar, Satyajit Ray and Children Films - Parde Ke Peeche By Jaiprakash Chouksey - Dainik Bhaskar 17th June 2014