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Wednesday, July 2, 2014

Film Stars, Ad Films and Morality - Parde Ke Peeche - Jaiprakash Chouksey - 2nd July 2014

सितारे, विज्ञापन फिल्में और नैतिकता?

 

परदे के पीछे - जयप्रकाश चौकसे


खबर है कि एक तमाखूहीन पान मसाले के विज्ञापन के लिए शाहरुख खान ने 20 करोड़ रुपए का अनुबंध किया है और रणवीर सिंह ने 3 करोड़ रुपए एक कंडोम के विज्ञापन के लिए प्राप्त किए। उधर कंगना रनावत ने एक शादी में नृत्य के लिए तीन करोड़ रुपए के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। 
 
विज्ञापन सितारों की कमाई का ऐसा जरिया है जिसमें उन्हें मात्र एक या दो दिन की शूटिंग करनी पड़ती है और फिल्म के लिए पचास दिन परिश्रम करना पड़ता है। अत: विज्ञापन फिल्मों में अपेक्षाकृत अधिक लाभ है परंतु विज्ञापन फिल्में उसी समय तक मिलती हैं जब तक सितारों की फिल्में लोकप्रिय हैं। 
 
Source: Film Stars, Ad Films and Morality - Parde Ke Peeche By Jaiprakash Chouksey - Dainik Bhaskar 2nd July 2014

Monday, June 23, 2014

Publicity Stunts - Andaz Apna Apna - Parde Ke Peeche - Jaiprakash Chouksey - 23rd June 2014

प्रचार तंत्र: अंदाज अपना-अपना


परदे के पीछे - जयप्रकाश चौकसे 

 

अवाम के अच्छे दिन आएं या ना आएं परंतु मनोरंजन जगत के बॉक्स ऑफिस दिन आने वाले हैं। ईद पर सलमान खान की 'किक', दीवाली पर शाहरुख खान की 'हैप्पी न्यू इयर' और आमिर खान की राजकुमार हीरानी निर्देशित 'पीके' क्रिसमस पर आने वाली है। 

इन लोकप्रिय फिल्मों के प्रदर्शन से सिनेमा मालिकों के दिन फिरने वाले हैं क्योंकि भारी भीड़ जुटाने वाली फिल्में ही इस उद्योग की आर्थिक रीढ़ की हड्डी हैं। विगत लंबे समय से चुनाव, आईपीएल इत्यादि के कारण धंधा मंदा रहा है। 

इस सूखे में भी कुछ फिल्में सफल रही हैं, जैसे ग्रीष्म में भी कई जगह बारिश हो जाती है परंतु दर्शकों में उन्माद जगाने पर ही इस व्यवसाय में दम आता है। उन्मादी प्रशंसकों के कारण सिनेमा घरों के परिसर में बने खाने पीने के ठिओं पर भी धन बरसता है। जैसे बड़े उद्योग के साथ ही कमाई की जुगत भिड़ाने वाले छोटे उद्योग पनपते हैं, वैसे ही सिनेमा उद्योग के साथ भी अनेक छोटे धंधे जुड़े हैं। 


Source: Publicity Stunts - Andaz Apna Apna - Parde Ke Peeche By Jaiprakash Chouksey - Dainik Bhaskar 23rd June 2014

Tuesday, June 10, 2014

Shahrukh Khan's Dimple and Tears of People - Parde Ke Peeche - Jaiprakash Chouksey - 10th June 2014

शाहरुख खान के डिम्पल और अवाम के आंसू

 

परदे के पीछे - जयप्रकाश चौकसे 

 

क हास्य कार्यक्रम में दर्शकों के बीच से एक युवती मंच पर आकर अपने जीवन के सबसे बड़े सपने अर्थात शाहरुख खान के गालों पर बने डिम्पल को छूना चाहती है और सकुचाए से शाहरुख खान यह करने देते हैं और कहते हैं कि कभी कहीं किसी ने डिम्पल में जमा दूध पीने की इच्छा भी जताई थी।। प्राय: इस तरह प्रायोजित तमाशे में दर्शकों के बीच संयोजक द्वारा बैठाए गए सवैतनिक जूनियर कलाकार भी होते हैं और पहले से रिहर्सल की गई इच्छाओं, स्वप्नों की बात करते हैं और तमाशा जम जाता है। 

अगर ऐसा ही कुछ दशकों पूर्व चार्ली चैपलिन या राजकपूर के साथ होता तो वे कहते कि इन डिम्पल में ठहरे उनके आंसू की बात करें। हर काल खंड की संवेदनाएं और प्राथमिकता अलग-अलग होती है और दर्शक का अवचेतन भी बदलता रहता है। चार्ली चैपलिन ने कहा था कि उनका मनपसंद मौसम बरसात है क्योंकि सड़क पर भीगते हुए चलते समय आपके आंसू कोई देख नहीं पाता गोयाकि बरसात अभावों का नकाब भी होती है जैसे कई बार कोट केवल फटी कमीज को छुपाने के लिए पहनी जाती है और ढीली पतलून का पांयचा जूतों के सुराख छुपाता है। 


Source: Shahrukh Khan's Dimple and Tears of People - Parde Ke Peeche By Jaiprakash Chouksey - Dainik Bhaskar 10th June 2014