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Tuesday, June 24, 2014

Star Parivar Awards and Aaamir Khan - Parde Ke Peeche - Jaiprakash Chouksey - 24th June 2014

पारिवारिकता की शाम पलायन का जाम


परदे के पीछे - जयप्रकाश चौकसे


 
बाइस जून की रात स्टार टेलीविजन ने 'स्टार परिवार' नामक एक उत्सव मनाया जिसमें आमिर खान मुख्य अतिथि थे और उनके कार्यक्रम 'सत्यमेव जयते' की तीसरी किश्त की जानकारी देने के साथ विगत दो किश्तों में उठाए सामाजिक मुद्दों को हल करने की दिशा में क्या प्रयास समाज और सरकार ने किए हैं, आमिर खान ने बताया कि बलात्कार की शिकार महिला से पुलिस की पूछताछ के तरीके सब प्रांतों में अलग रहे हैं और प्राय: तहकीकात के इन तरीकों के कारण पीडि़ता को वही हादसा शब्दों की सतह पर दोबारा झेलना पड़ता रहा है। 

बलात्कारी ने पहले कहां स्पर्श किया और पीडि़ता को कैसा लगा जैसी वाहियात बातें इनमें शामिल रही हैं और सारी प्रक्रिया सत्य को जानने के बदले बचाव पक्ष के लिए वे पतली गलियां खोजना जिसके जरिए वे गुनहगार को बचा सकें। 

बकौल आमिर खान केंद्रीय सरकार ने एक समान और सुसंस्कृत प्रक्रिया को अपनाने की हिदायत प्रांतीय सरकारों को पहले ही दे दी है। अन्य अनेक मुद्दों पर अवाम की प्रतिक्रिया से सरकार को अवगत कराया जा रहा है। 


Source: Star Parivar Awards and Aaamir Khan - Parde Ke Peeche By Jaiprakash Chouksey - Dainik Bhaskar 24th June 2014

Monday, June 23, 2014

Publicity Stunts - Andaz Apna Apna - Parde Ke Peeche - Jaiprakash Chouksey - 23rd June 2014

प्रचार तंत्र: अंदाज अपना-अपना


परदे के पीछे - जयप्रकाश चौकसे 

 

अवाम के अच्छे दिन आएं या ना आएं परंतु मनोरंजन जगत के बॉक्स ऑफिस दिन आने वाले हैं। ईद पर सलमान खान की 'किक', दीवाली पर शाहरुख खान की 'हैप्पी न्यू इयर' और आमिर खान की राजकुमार हीरानी निर्देशित 'पीके' क्रिसमस पर आने वाली है। 

इन लोकप्रिय फिल्मों के प्रदर्शन से सिनेमा मालिकों के दिन फिरने वाले हैं क्योंकि भारी भीड़ जुटाने वाली फिल्में ही इस उद्योग की आर्थिक रीढ़ की हड्डी हैं। विगत लंबे समय से चुनाव, आईपीएल इत्यादि के कारण धंधा मंदा रहा है। 

इस सूखे में भी कुछ फिल्में सफल रही हैं, जैसे ग्रीष्म में भी कई जगह बारिश हो जाती है परंतु दर्शकों में उन्माद जगाने पर ही इस व्यवसाय में दम आता है। उन्मादी प्रशंसकों के कारण सिनेमा घरों के परिसर में बने खाने पीने के ठिओं पर भी धन बरसता है। जैसे बड़े उद्योग के साथ ही कमाई की जुगत भिड़ाने वाले छोटे उद्योग पनपते हैं, वैसे ही सिनेमा उद्योग के साथ भी अनेक छोटे धंधे जुड़े हैं। 


Source: Publicity Stunts - Andaz Apna Apna - Parde Ke Peeche By Jaiprakash Chouksey - Dainik Bhaskar 23rd June 2014