Friday, December 13, 2013

Go Beyond Your Routine Work And Increase Brand Value - Management Funda - N Raghuraman - 13th December 2013

तयशुदा काम से ज्यादा करके बढ़ाएं ब्रांड वैल्यू 

मैनेजमेंट फंडा - एन. रघुरामन 


पहली कहानी: चंदन कुमार शॉ कोलकाता में डोमिनो पिज्जा डिलीवर करने वाला लड़का है। पटना के आदित्यवीर सिंह नाम के रेल यात्री ने डोमिनो के काउंटर पर फोन कर के पिज्जा ऑर्डर किया। वह आगे की यात्रा में इसे ले जाना चाहता था। चंदन डिलीवरी लेकर निकलने ही वाला था कि आदित्य का दूसरा फोन आ गया ऑर्डर कैंसिल करने के लिए। इसकी उसने वजह भी बताई। कहा कि उसका पर्स कहीं खो गया है। लेकिन इसके बावजूद चंदन सात मिनट के भीतर डिलीवरी लेकर आदित्य के पास उसके होटल पहुंच गया। वहां पहुंचकर उसने आदित्य से कहा कि आपको पिज्जा के लिए पैसे देने की जरूरत नहीं है। यही नहीं, उसने आदित्य को 500 रुपए भी दिए, क्योंकि उसे पता चला कि आदित्य के पास पटना लौटने का टिकट तो है लेकिन होटल का बिल चुकाने के पैसे नहीं हैं। उसने आदित्य से कहा कि पटना पहुंचने के बाद वह ये पैसे उसके खाते में जमा करा दे। आदित्य इस सब के लिए शुक्रिया कह पाता इससे पहले चंदन वहां से चला गया। आदित्य ने पटना पहुंचकर चंदन के खाते में पैसे जमा कराए। साथ ही डोमिनो के मैनेजमेंट को पत्र लिखा और कहा कि पूरी जिंदगी डोमिनो के कर्मचारी की शालीनता को नहीं भूलेगा। 

Source: Go Beyond Your Routine Work And Increase Brand Value - Management Funda By N Raghuraman - Dainik Bhaskar 13th December 2013

दूसरी कहानी: कोलकाता के पैंटालून स्टोर से दस साल की बच्ची ने एक गुलाबी रंग की ड्रेस खरीदी। दो दिन के बाद उसका जन्मदिन था। वह ड्रेस के लिए मैचिंग हेयरबैंड मांग रही थी। शोरूम पर जब उसे हेयर बैंड नहीं मिला तो वह रोने लगी। सेल्स एक्जीक्यूटिव कनाई महतो ने बच्ची की आंखों में आंसू देखे तो उससे रहा नहीं गया। उसने कहा कि वह उसे हेयर बैंड ढूंढकर देगा। उसने पूरा स्टोर छान मारा। आसपास के पैंटालून स्टोर्स पर फोन लगाया। तभी कोलकाता से 160 किलोमीटर दूर दुर्गापुर के स्टोर से पता चला कि वहां एक गुलाबी रंग का हेयर बैंड है। ठीक वैसा ही जैसा बच्ची को चाहिए था।

कनाई को यह भी जानकारी मिली कि स्टोर के वरिष्ठ अधिकारी दुर्गापुर से कोलकाता आ रहे हैं। सो, उसने तुरंत उस अधिकारी को कॉल करके गुलाबी हेयरबैंड लाने का आग्रह किया। वे जब वहां पहुंचे तो वह बच्ची अपनी पसंद का हेयर बैंड देखकर उछल पड़ी। उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। जो अधिकारी यह हेयर बैंड लेकर दुर्गापुर से कोलकाता आए थे, वे भी उस वक्त वहीं थे। उन्हें पूरा माजरा समझते देर न लगी। बच्ची की खुशी और अपने सेल्स एक्जीक्यूटिव के व्यवहार पर उन्हें फख्र महसूस हुआ। उन्होंने तुरंत अपने ऊपर के अधिकारियों को कनाई के पक्ष में एक प्रशंसा पत्र लिख भेजा।

तीसरी कहानी: पेंटालून के सिलीगुड़ी स्टोर की सेल्स पर्सन सुचिता दत्ता के पास एक ग्राहक आई। वह एक साल पहले खरीदी अपनी ड्रेस बदलना चाहती थी, क्योंकि वह साइज में काफी बड़ी थी। ड्रेस का इस्तेमाल नहीं हुआ था, लेकिन उसके पास उसका बिल नहीं था। सुचिता ने मना कर दिया तो वह ग्राहक उदास हो गई। उसे देख सुचिता ने उससे कहा कि वह अपनी ड्रेस यहीं छोड़ दे। साथ ही स्टोर के टेलर के पास जाकर अपना नाप भी दे आए। कुछ घंटे बाद सुचिता ने उस ग्राहक को वापस कॉल किया। उसे ड्रेस ले जाने को कहा। वह ड्रेस पूरी तरह आल्टर की जा चुकी थी। स्टोर पहुंचने पर जब उस ग्राहक ने अपनी ड्रेस को एकदम फिट साइज में पाया तो बेहद खुश हुई। उसने गेस्ट बुक में लिखा, 'सुचिता को सेल्स पर्सन की बजाय फैशन डिजाइनर होना चाहिए था।' ये तीन लोग तो सिर्फ उदाहरण हैं। दिसंबर महीने की 12 तारीख को रिटेल एंप्लॉईज डे के रूप में मनाया गया। इस दौरान कुल 16 सेल्स पर्सन्स को उनकी शानदार सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इनमें ये तीनों सेल्स पर्सन्स भी थे, जिनके किस्से हमने यहां सुनाए हैं। रिटेल स्टोर्स हमेशा ऐसे लोगों को खोजते रहते हैं जो लोगों के साथ प्यार से पेश आएं। जो अपने ग्राहकों की, उनकी भावनाओं की कद्र करें। जहां तक बन पड़े उनकी मदद करें। और अगर आपके भीतर ये सभी गुण हैं तो आपको यकीनन प्राथमिकता मिलेगी। हो सकता हैं, आपके इन गुणों की वजह से आपकी दूसरी कुछ कमियों को नजरंदाज भी कर दिया जाए।
  

फंडा यह है कि...

अगर आप अपने लिए तयशुदा काम से कुछ ज्यादा कर पाते हैं तो निश्चित तौर पर आप अपनी कंपनी के लिए काम के कर्मचारी हैं। आपी यह खासियत कंपनी की ब्रांड वैल्यू तो बढ़ाएगी ही, इससे आप अपनी भी अहमियत और कीमत बढ़ा सकते हैं। 

 

 































Source: Go Beyond Your Routine Work And Increase Brand Value - Management Funda By N Raghuraman - Dainik Bhaskar 13th December 2013