Wednesday, December 18, 2013

You Stop Growing If You Stop Learning - Management Funda - N Raghuraman - 18th December 2013

सीखना छोड़ देते हैं तो बढ़त भी रुक जाती है 

मैनेजमेंट फंडा - एन. रघुरामन 


दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के टर्मिनल टी-3 के बाहर इंतजार कर रही कार के ड्राइवर ने इंजन स्टार्ट ही किया था कि कार से अचानक बहुत तेज आवाज आने लगी। इतनी कि आसपास खड़े लोगों का ध्यान उसी पर टिक गया। मैंने ड्राइवर से पूछा तो उसने बिना परेशान हुए जवाब दिया, 'थोड़ी देर में ठीक हो जाएगी साहब।' मेरी नजर कार के एयरकंडीशनर की ओर गई। मुझे उसके फैन के बैल्ट की गड़बड़ी समझ आई। मैंने ड्राइवर को एसी बंद करने के लिए कहा। एसी का स्विच ऑफ करते ही कार से आवाज आना भी बंद हो गई। गाड़ी आगे चल पड़ी। रास्ते में रामलीला मैदान के पास ड्राइवर ने रेगुलर मैकेनिक के पास गाड़ी रोकी। मैकेनिक ने उसे चैक करने के बाद मेरी आशंका को सही साबित कर दिया। कार के एसी में ही समस्या थी। ड्राइवर ने मुझसे पूछा, 'साहब आपको कैसे पता चला कि गाड़ी में क्या दिक्कत है? क्या आप कार मैकेनिक हैं?' मैं मुस्कराया और उससे कहा कि हमें यह सब स्कूल में पढ़ाया गया था। उसे समझ नहीं आया। उसे लगा कि मैं मजाक कर रहा हूं। कहने लगा, 'क्यों गरीब का मजाक उड़ा रहे हैं साहब?' बहरहाल मैं आपको बताना चाहूंगा कि अमेरिका में आधे से अधिक कार मालिक अपनी गाड़ी खुद ठीक करना जानते हैं। और करते भी हैं। यह इसलिए है क्योंकि अमेरिका में हाईस्कूल में ही बच्चों को एक स्पेशल क्लास अटेंड कराई जाती है। इसे शॉप कहते हैं। इसमें उन्हें मशीनों के बारे में बताया जाता है। उनमें किस तरह दिक्कत हो सकती है? उन्हें कैसे ठीक किया जा सकता है? यह भी उन्हें सिखाया जाता है। यह वहां सबसे लोकप्रिय क्लास है। लेकिन भारत में आम तौर पर ऐसा नहीं होता। 

Source: You Stop Growing If You Stop Learning - Management Funda By N Raghuraman - Dainik Bhaskar18th December 2013

हम इस बात के लिए अपनी बड़ाई करते हैं कि प्राचीन काल से ही हमारे देश के लोग हवाई जहाज उड़ाना जानते थे। सीता जी का अपहरण करके रावण विमान से ही लंका गया था। लेकिन हकीकत ये है कि आधुनिक युग में विमान का अविष्कार राइट ब्रदर्स ने 1903 में किया। हमारे लिए यह भी गर्व का विषय रहता है कि टेलीविजन जैसी शक्ति भी हमारे पास बहुत पहले से है। संजय ने धृतराष्ट्र को उनके महल में ही बैठकर महाभारत के युद्ध का वृत्तांत देखकर सुना दिया था। लेकिन चित्रों के प्रसारण का पहला प्रदर्शन भी यूरोप में ही किया गया।

पेरिस में जॉर्जेस रिगनॉक्स और ए. फोर्नियर 1909 में चित्रों का प्रसारण करके दिखाया। हालांकि टीवी मशीन की शुरुआत इससे पहले 1890 से मानी जाती है। इसका श्रेय विलोबी स्मिथ को दिया जाता है। हम यह भी दावा करते हैं कि हमारे पौराणिक योद्धाओं के पास अद्भुत शक्तियां थीं। वे योग शक्ति से अस्त्र-शस्त्र प्रकट कर लेते थे। उनके तीर आज के दौर की मिसाइलों के बेहद एडवांस संस्करण थे। बिना पायलट का विमान भी उस दौर में था। वगैरह-वगैरह। लेकिन हम यह भी जानते हैं बिना पायलट का विमान ड्रोन 2002 में सामने आया। यह अमेरिका का था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने पहली बार चार फरवरी 2002 को अफगानिस्तान के खोस्त में ड्रोन का इस्तेमाल किया। मिसाइलें और आधुनिक हथियार प्रणाली भी आधुनिक वक्त में पश्चिमी देशों की ही देन मानी जाती है। हममें से ही किसी भारतीय से पूछिए कि लाइट कैसे काम करती है? उसका जवाब यही होगा, 'स्विच ऑन करते ही।' हम रेलवे स्टेशन पर, एयरपोर्ट पर या ऐसे किसी अन्य स्थानों पर न जाने कितनी आधुनिक सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन यह पता लगाने की कोशिश कभी नहीं करते कि ये काम कैसे करती हैं।

हम जब भी किसी टूर पर जाते हैं तो मशीन की तरह काम करके या घूम-फिर कर वापस आ जाते हैं। लेकिन विदेशों में लोग ऐसे नहीं करते। वे जब जहां जाते हैं वहां के बारे में नई-नई जानकारियां जुटाते हैं। उनसे भी कुछ न कुछ सीखकर आते हैं। वे एक सी जगहों पर घूमते भी कम हैं। हमेशा पर्यटन के लिहाज से नई जगहों का चुनाव करते हैं। मैं समझता हूं आपकी तरक्की तभी होती है जब आपके सीखने की प्रक्रिया लगातार चलती रहे।
 

फंडा यह है कि... 

अगर आप आगे बढ़ते रहना चाहते हैं तो लगातार सीखते रहिए। कम से कम जिस क्षेत्र में आप काम कर रह हैं वहां तो सीखने की प्रक्रिया कभी रुकनी नहीं चाहिए। नहीं तो आप ठहर जाएंगे।  

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


Source: You Stop Growing If You Stop Learning - Management Funda By N Raghuraman - Dainik Bhaskar18th December 2013